कलाकारों ने हंसा-हंसाकर दिया एड्स से बचने का संदेश
मेवाड़ में समाज की ज्वलंत समस्या पर होगा हर महीने नाटक- डॉ. अलका
वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ
इंस्टीट्यूशंस के ऑडिटोरियम में ’वो मरेगा जरूर’ नामक नाटक ने कमाल कर दिया। कलाकारों ने जहां
विद्यार्थियों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया, वहीं एड्स से बचने जैसे संवेदनशील विषय को बड़ी आसानी से
संदेश के रूप में प्रस्तुत कर सबकी खूब वाहवाही भी लूटी। कुल 14 पात्रों ने 40 मिनट के नाटक में
कई बार सोचने पर विवश भी किया। सभी पात्रों का अभिनय खूब मंझा हुआ और काबिले तारीफ
था।

नाटक के लेखक व निर्देशक प्रसिद्ध
रंगकर्मी अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव ने एड्स का मानवीकरण किया और चोर-पुलिस के रूप
में नाटक को पेशकर सभी दर्शकों को बखूबी बांधने का सफल प्रयास किया। एड्स नामक चोर
को पुलिस जगह-जगह ढूंढती रहती है और एड्स अपनी चालाकियों से पुलिस को हर बार चकमा
देकर फरार हो जाता। इसी लुका-छिपी को समाज के अनेक संदर्भों में मंचित करने में
नाटक के पात्र पूरी तरह से सफल साबित हुए। दरोगा के रूप में प्रमोद शर्मा, सिपाही की भूमिका
में मोहित गुप्ता, एड्स के
किरदार में केशव साधना, चीफ पुलिस
ऑफिसर के रूप में मनीष भल्ला, दूधिया शिखर चौधरी, पिता बने विनय कुमार, डॉक्टर फूरी बनीं रिंकी शर्मा, नर्स रेनू शर्मा और
विजोम व गौरव ने डांसर की भूमिका निभाकर सबका मन मोह लिया। संगीत संकल्प
श्रीवास्तव व अदित ने दिया। रोजी श्रीवास्तव की वस्त्र सज्जा नाटक के अनुकूल रही।
नृत्य निर्देशन का भार रोहित ने संभाला। अंत में मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की
निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल ने नाटक की प्रशंसा की और इस प्रकार के संदेश देने वाले
नाटकांे को समाज के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने बताया कि मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस ने
हर महीने समाज की किसी ज्वलंत समस्या पर नाटक मंचित कराने का सिलसिला शुरू किया
है। इसी सिलसिले की यह दूसरी कड़ी थी। उन्होंने नाटक के लेखक व निर्देशक अक्षयवर
नाथ श्रीवास्तव को शॉल व गुलदस्ता भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर मेवाड़ के
चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया, मेवाड़ लॉ इंस्टीट्यूट के महानिदेशक भारत भूषण समेत पूरा
ऑडिटोरियम विद्यार्थियों व शिक्षण स्टाफ से खचाखच भरा हुआ था। सफल संचालन मेवाड़ के
सहायक निदेशक चेतन आनंद व रोजी श्रीवास्तव ने किया।
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